AI Summit 2025-26: भारत में AI क्रांति

आज की दुनिया में तकनीक जिस रफ्तार से बदल रही है, उसमें Artificial Intelligence (AI) सबसे ऊपर है। भारत ने हाल के वर्षों में खुद को ग्लोबल टेक हब के रूप में स्थापित किया है। इसी दिशा में भारत में आयोजित होने वाले AI Summits (जैसे GPAI और IndiaAI Mission) ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा है।

इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि भारत में हुए AI सम्मेलनों का मुख्य उद्देश्य क्या था, इसके प्रमुख बिंदु क्या थे और यह भारत के आम नागरिक से लेकर व्यापार जगत तक को कैसे प्रभावित करेगा।

भारत में AI क्रांति: AI Summit 2025-26

1. AI Summit का मुख्य उद्देश्य (Vision of India’s AI Summit)

भारत में आयोजित होने वाले ग्लोबल पार्टनरशिप ऑन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (GPAI) और अन्य सम्मेलनों का प्राथमिक लक्ष्य “AI for All” (सभी के लिए AI) है।

  • समावेशी विकास: तकनीक का लाभ केवल बड़े शहरों तक सीमित न रहकर गांवों तक पहुँचे।

  • नैतिक AI (Ethical AI): AI का उपयोग सुरक्षित और विश्वसनीय तरीके से हो।

  • डेटा संप्रभुता: भारतीय नागरिकों का डेटा सुरक्षित रहे और उसका उपयोग देश के विकास के लिए हो।

2. Global Partnership on Artificial Intelligence (GPAI) – मुख्य आकर्षण

भारत ने नई दिल्ली में GPAI समिट की मेजबानी की, जिसमें 25 से अधिक देशों ने भाग लिया। इस समिट के कुछ क्रांतिकारी बिंदु निम्नलिखित हैं:

नई दिल्ली घोषणापत्र (New Delhi Declaration)

समिट के दौरान सभी सदस्य देशों ने एक साझा घोषणापत्र पर हस्ताक्षर किए। इसका मकसद AI के खतरों (जैसे डीपफेक और मिसइन्फॉर्मेशन) को कम करना और नवाचार को बढ़ावा देना है।

IndiaAI Mission का शंखनाद

भारत सरकार ने ₹10,372 करोड़ के बजट के साथ ‘IndiaAI Mission’ को मंजूरी दी है। इसके तहत:

  • शक्तिशाली GPU क्लस्टर स्थापित किए जाएंगे।

  • भारतीय स्टार्टअप्स को कम लागत पर कंप्यूटिंग पावर मिलेगी।

  • AI Marketplace बनाया जाएगा।

3. भारत में AI के 5 प्रमुख स्तंभ (5 Pillars of AI in India)

किसी भी देश के लिए AI में महारत हासिल करने के लिए इन पाँच क्षेत्रों में काम करना जरूरी है, जिस पर समिट में चर्चा हुई:

  1. AI Compute Capacity: सुपरकंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण।

  2. AI Edge Strategy: छोटे डिवाइसेस पर AI का कुशलता से चलना।

  3. Data Management Office: डेटा की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करना।

  4. Skilling & Talent: युवाओं को AI प्रोग्रामिंग और डेटा साइंस में प्रशिक्षित करना।

  5. Safe AI: सुरक्षा और नैतिक मानकों का पालन।


4. स्वास्थ्य, शिक्षा और कृषि में AI का प्रभाव

समिट के दौरान विशेषज्ञों ने बताया कि AI केवल आईटी सेक्टर तक सीमित नहीं है:

  • कृषि: AI आधारित प्रणालियों से किसान मिट्टी की गुणवत्ता और मौसम का सटीक अनुमान लगा पाएंगे।

  • स्वास्थ्य: ‘Bhashini’ जैसे AI टूल्स के जरिए डॉक्टर अलग-अलग भाषाओं के मरीजों का इलाज बेहतर ढंग से कर पा रहे हैं।

  • शिक्षा: व्यक्तिगत शिक्षा (Personalized Learning) के जरिए हर बच्चे की क्षमता के अनुसार उसे पढ़ाया जा सकेगा।


5. चुनौतियाँ और समाधान: डीपफेक और एथिक्स

जहाँ AI के अनगिनत फायदे हैं, वहीं Deepfakes और Cybersecurity एक बड़ी चुनौती बनकर उभरे हैं। भारत में हुई समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने “Global Framework” की आवश्यकता पर जोर दिया ताकि AI का दुरुपयोग न हो सके।

“AI को केवल एक तकनीक के रूप में नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन के साधन के रूप में देखा जाना चाहिए।”

निष्कर्ष:

भारत में हुए AI समिट्स यह दर्शाते हैं कि देश अब केवल तकनीक का उपभोक्ता (Consumer) नहीं, बल्कि निर्माता (Creator) बनने की राह पर है। IndiaAI Mission और वैश्विक सहयोग के साथ, भारत दुनिया का AI गैराज बनने के लिए तैयार है।

 

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